Gulabkothari's Blog

मई 17, 2014

देश को सलाम

सबसे पहले देश की हर जाति के हर युवा-युवती को हार्दिक बधाई। सबने जाति, धर्म, क्षेत्र के बन्धनों के पार जाकर देश की सत्ता एक मजबूत नेता के हाथ सौंप दी है। श्रीमती इंदिरा गांधी के बाद देश को मजबूत इरादों वाला नेतृत्व मिला है। पिछले वर्षो में देश की जो दुर्गति हुई है, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी ने देशवासियों को जिस तरह त्रस्त कर दिया था, उस परिस्थिति का अब अन्त आ गया लगता है। नरेन्द्र मोदी को भी ढेरों बधाइयां! जिस प्रकार का चुनाव प्रबंधन, जिस प्रकार के दौरे तथा जिस प्रकार देशवासियों का दिल जीता है, वह इतिहास की अविस्मरणीय घटना बन गई। चिन्तन का जितना स्पष्ट खाका मोदी ने देश के समक्ष रखा, जिस दृढ़ता के साथ रखा, उससे तो पाकिस्तान, चीन, अमरीका तक को अपनी नीतियां बदलनी पड़ेंगी। युवा भी अब रोजगार के प्रति, विकास के प्रति, आशावान दिखाई दे रहा है। रोजगार मिल गया, तो किसके पास झगड़ने को समय बचेगा।

चुनाव में गुजरात मॉडल को आधार माना गया अथवा जनता के सामने रखा गया, उससे तो उद्योगपति भी आश्वस्त हैं, आम नागरिक को भी उम्मीद बंधी है कि विकास के नए आयाम देश में विकसित होंगे। अकेले भ्रष्टाचार मिटाने का वादा, भ्रष्टों तथा घोटालेबाजों को सजा दिलाने का आश्वासन स्वयं में अच्छे भविष्य के संकेत हैं। देश की सभ्यता और संस्कृति को ठोकर मारने वाली सरकार का जैसा अन्त होना था, वैसा ही हुआ भी।

एक बड़ा परिणाम जो मोदी के प्रति विश्वास से सामने आया, वह यह कि देश ने कई छोटे-मोटे दल सिमटाकर एक भाजपा को पूर्ण विश्वास दिया। देश के भविष्य के लिए यह तो रजत ही नहीं बल्कि स्वर्णिम रेखा सिद्ध होगी। ये पार्टियां ही सांसदों की खरीद-फरोख्त का कारण रही हैं। मंत्रिमण्डल में अपराधी तत्वों के प्रवेश के लिए जिम्मेदार रही हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त भी इन क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय चुनाव लड़ने से नहीं रोक पाए। यह कार्य नरेन्द्र मोदी के प्रति विश्वास ने कर दिखाया। यह तो आम धारणा है ही कि सत्तारूढ़ दल के विरूद्ध जनमत रहता है किन्तु यह बात तो अब तक के हर चुनाव पर लागू होती रही है।

इस बार जैसे परिणाम पहले क्यों नहीं आए। इसका कारण मोदी के नेतृत्व की क्षमता को ही माना जाएगा। देश के नेता का भय भी रहना चाहिए। देश को ऎसा ही नेता चाहिए था। इस साहस ने ही वंशवाद के वटवृक्ष को उखाड़ कर फैंक दिया।

बड़ा काम तो यह हुआ। नई सरकार से अपेक्षाएं भी बहुत होंगी। जैसे केजरीवाल से दो दिन में ही पानी-बिजली पर छूट मांगने लगे थे लोग। मोदी को उदारवादी दृष्टिकोण का परिचय देते रहने की आवश्यकता पड़ेगी। दृढ़ निश्चय के साथ निर्णय करें। पूरा देश, पूरे दिल से साथ है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे सभी भाजपाशासित प्रदेशों की जनता ने प्रमाणित कर दिया है। जहां भाजपा नहीं पहुंची थी, वहां भी शुरूआत हुई है। आने वाले समय में लोकतंत्र की जड़ें और गहरी होंगी, ईश्वर से यही प्रार्थना है।

– गुलाब कोठारी

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