Gulabkothari's Blog

मई 23, 2017

राख से उठ पाएगी कांग्रेस?

कांग्रेस में आज एक भी ऐसा नेता दिखाई नहीं दे रहा। राहुल गांधी कांग्रेस की बागडोर को संभालने के लिए उतावले हैं पर उनकी परिपक्वता अभी इस लायक दिखाई नहीं देती। …सोनिया गांधी की अब स्थिति ही नहीं है नेतागिरी करने की।

भारतीय जनता पार्टी सन् 2004 में चुनाव हारी। कांग्रेस सत्ता में आई। उसके बाद अगला चुनाव 2009 का भी हार गई और कांग्रेस फिर सत्ता में आ गई। तब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह ऐलान किया था कि भाजपा फिर सत्ता में आएगी। भाजपा को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। भाजपा को राख से उठना आता है। बहुत बुलंद संकल्प था और उनकी आवाज में बहुत विश्वास था। यह विश्वास 2014 के चुनावों में फिर दिखाई दिया। भाजपा सत्ता में आई। तब भाजपा ने बढ़त को इतना आगे खींचा कि 281 सीटें लेकर आई। और उस चुनाव में कांग्रेस की जो हालत थी वो भी बड़ी दयनीय थी। उसे केवल 45 सीटों पर सब्र करना पड़ा। अब प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस में भी आज ऐसा कोई नेता उपस्थित है या उपलब्ध है जो मोहन भागवत जैसे विश्वास से यह कह सके कि कांग्रेस भी राख से उठना जानती है?

अब कांग्रेस में इन्दिरा गांधी नहीं हैं। उन्होंने तो अपनी हार के बाद भी संघर्ष किया था। जेल भी गईं थीं। उनके खिलाफ भी कई आरोप लगे थे। लेकिन उसके बाद भी उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा। वह वापस सत्ता में आ गई थीं। कांग्रेस में आज एक भी ऐसा नेता दिखाई नहीं दे रहा। राहुल गांधी कांग्रेस की बागडोर को संभालने के लिए बहुत उतावले हैं पर उनकी परिपक्वता अभी इस लायक दिखाई नहीं देती।

अगर हम यूपी में उनके दिए गए भाषणों का आकलन करें तो इतने बड़े देश के नेता का उनका कद है ही नहीं। वो फुल टाइम नेता लगते ही नहीं सच पूछें तो। सोनिया गांधी की अब स्थिति ही नहीं है नेतागिरी करने की। इसके साथ एक सवाल यह भी जुड़ा हुआ है कि आज जो कांग्रेस की स्थिति है उसकी जिम्मेदार भी ये ही हैं। कोई दूसरा नहीं है। वो ही सोनिया गांधी है और वो ही राहुल गांधी हैं। तब क्या हम इनके भरोसे कांग्रेस को मर जाने देंगे। हमारी रुचि कांग्रेस में नहीं है, हमारी रुचि बीजेपी में नहीं है। हमारी रुचि देश के लोकतंत्र में है। कांग्रेस अगर मर जाती है तो विपक्ष मर जाता है। मोदीजी तो बार-बार कहते हैं कि मैं इस देश को कांग्रेस मुक्त करना चाहता हूं, इसका अर्थ साफ-साफ है कि वो लोकतंत्र को विपक्ष से मुक्त करना चाहते हैं। क्योंकि इसके अलावा देश में तीसरी ऐसी पार्टी ही नहीं है जो राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का काम कर सके। अगर विपक्ष चला गया संसद और विधान सभाओं से तो क्या यहां लोकतंत्र रहेगा? या राजतंत्र हो जाएगा। आज कांग्रेस की सबसे पहली जरूरत है कि इसे खड़ा किया जाए और इसके लिए गांधी परिवार को त्याग करने के लिए आगे आना पड़ेगा। पिछले सालों में तो उन्होंने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बना दिया और खुद संगठन के पदों पर रह गए।

आज उन्हें संगठन को छोडऩे की जरूरत है और वहां किसी नये कद्दावर नेता को आना चाहिए जो कांग्रेस को खड़ा कर सके। इसके लिए उन्हें कांग्रेस से छिटक कर बाहर गए उन सब लोगों को भी वापस लाना पड़ेगा, चाहे वो शरद पवार हों या ममता बनर्जी हों। कोई भी हों। सारी कांग्रेस को फिर से एक जगह पर लाना पड़ेगा। उनमें से किसी ना किसी नेता को खड़ा करना पड़ेगा। उसे यह बागडोर संभालनी पड़ेगी। राहुलजी को पीछे हटना चाहिए। आज भी ऐसे लोग मिलेंगे जिन्हें देश स्वीकार करेगा। हो सकता है ममता को ना करे क्योंकि वो भी अनप्रिडेक्टेबिल हैं। अपने मूड से निर्णय करती हैं। लेकिन और भी लोग हैं। ए. के. एंटोनी जैसे। चर्चा करेंगे तो आपको और लोगों की लिस्ट मिल जाएगी। परन्तु अब बिना समय गंवाए इनको एक नेता का चुनाव करना चाहिए और जो जितने पदों पर बैठे हैं उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। वह पीछे से सलाह दे सकते हैं पर उन्हें अब सामने आकर निर्णय करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि सिर पर आज बड़े-बड़े प्रदेशों के चुनाव खड़े हैं। आज इनमें से किसी प्रदेश में कांग्रेस नहीं है क्यों ? क्योंकि इन्हीं लोगों के पीछे जो कमान पकड़े बैठे हैं। इन्हें छोडऩा चाहिए, अगर यह नहीं छोड़ते तो यह देश के साथ न्याय भी नहीं करने वाले हैं। अगर कांग्रेस डूबेगी और लोकतंत्र डूबेगा तो क्या देश इन्हें माफ कर पाएगा? यह प्रश्न हमारे सामने है और इसमें जनता को भागीदारी निभानी पड़ेगी। जनता को आगे आकर इन्हें प्रेरित भी करना पड़ेगा और सबक भी सिखाना पड़ेगा।

Advertisements

टिप्पणी करे »

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं ।

RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

WordPress.com पर ब्लॉग.

%d bloggers like this: